जीवन एक भबर है , भरोसे पर चलती है

0
326

बीच भवर में जब तेरा नाव डगमगा – ता है।
तेरा भरोसा है जो किनारे तक खिच लाता है

जिंदगी भी एक भवर है डग- मग चलती है।
पतवारों को विपरीत दिशा में खिंचने से बढ़ती है।

सुना है की कल जो शैलाब आया है उससे
तु घबरा गया है, डर लगता नाव बढ़ाने में।

कल इन शैलबो के साथ कुछ मोती भी आये
तेरे किनारे तक , अब ना झिझक उठाने में।

कल फिर न कल ये आयेगा। आज फिर
इतिहास दोहराएगा। सफल हुए जो

अड़िग रहे , तूफानों में शैलबो में ।

💐💐 Chandan Patel

Please follow and like us:

Leave a Reply