जब भारत माँ के लाल एपीजे कलाम ने कहा मैं बिहार की संतान हूं |फिर क्या हुआ ?

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जब भारत माँ के लाल एपीजे कलाम ने कहा मैं बिहार की संतान हूं |फिर क्या हुआ ?

भारत माँ  के लाल ,देश के एक महान व्यज्ञानिक , एक दार्शनिक ,एक चित्रकार , देश के प्रथम नागरिक ,भारत के सबसे शक्तिशाली राष्टपति , भारत – रत्न एपीजे अब्दुल कलाम अपने भारत माँ के एक अंग बिहार के यात्रा पर है | यात्रा से लौटने के बात अचानक  भावुक होते हुए  एक यात्रा-वृतांत लिखते है जो अब तक के  लिखे गए तमाम यात्रा वृतांत को धूमिल कर देता है |MAI BIHAR KI SANTAN HOON APJ ABDUL KALAM

डॉ कलाम लिखते है “बिहार का दौरा करते हुए मैंने युवको व् बच्चों की एक सभा को संबोधित किया ,उनकी उर्जा ,उत्साह ,व् आकांक्षा को देख कर मैंने एक कविता लिखी जिसे मै आपको सुनना चाहता हूँ |”

मैं बिहार की संतान हूं/मेरा जन्म बिहार में हुआ..
मैं उस जमीं पर रहता हूं, जहां भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ.

मैं उस पवित्र जमीं पर पढ़ता-लिखता हूं, जहां भगवान महावीर ने उपदेश दिये.
मैं उस धन्य जमीं पर पला-बढ़ा, जहां गुरु गोविंद सिंह ने जन्म लिया और वो यहां बार-बार कदम रखे.

मैं पढ़ता हूं, पढूंगा, उस जमीं पर, जहां महान खगोलविद् आर्यभट्ट ने पृथ्वी की कक्षा की खोज की,

सूर्य की कक्षा व ग्रहों-तारों के रहस्य खोले.

गंगा नदी मुस्कुराती है/बिहार की उर्वर भूमि मेरा स्वागत करती है.. कड़ी मेहनत के लिए.

ऐसी सुंदर भूमि में, ईश्वर मेरे साथ हैं.
मैं काम करूंगा, काम करूंगा और सफल होऊंगा.

 

नमस्कार मै चन्दन कुमार यह एक छोटा सा पोस्ट जो की ” विश्व हिंदी दिवस ” पर बिहार डेलीगेशन के तरफ से पुरे भारत वासियों को समर्प्रित करना चाहूँगा |

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