“The Aam Aadmi Party will contest the five Lok Sabha seats in Bihar, now it will be triangular rather than crossing.

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“The Aam Aadmi Party will contest the five Lok Sabha seats in Bihar, now it will be triangular rather than crossing.

In Bihar’s political circles, this tussle can take a turn for the Lok Sabha elections, the battle between Bihar’s Lok Sabha elections is no longer between the alliance and the NDA. Now the battle has become triangular.

लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार के राजनितिक हलकों में ये ख़बर उथल – पुथल मचा सकती है, दरसल बिहार के लोकसभा चुनाव में अब लड़ाई महागठबंधन और NDA के बिच नहीं रह गया अब लड़ाई त्रिकोणीय हो चुकी है|

दरसल अब बिहार के लोकसभा चुनाव में “आम आदमी पार्टी ” महागठबंधन के साथ चुनाव न लड़ कर अपने दम पर चुनाव लड़ने का मन बना चुकी है | इस ख़बर पुष्टि AAP के प्रदेश उपाधीक्षक अंगेश सिंह  ने दैनिक भास्कर  को दिए अपने एक इन्टरव्यू   में कर दिया है |ANGESH SINGH AAM ADMI PARTY

हमने भी इस जानकारी के पुष्टि   के लिए आम आदमी पार्टी   के बिहार परदेस मिडिया प्रभारी बबलू प्रकाश से बात किया उन्होंने भी इस ख़बर पर मुहर लगा दिया है , आगे हमने उनसे पूछा सर आप कितनी सिट पर चुनाव लड़ेंगे और उन पर्त्याशी का नाम मिल सकता है तो उनका जबाब था |- हम फिलहाल 5 लोकसभा सीटो पर चुनाव लड़ने जा रहे जो की किशनगंज, अररिया, पाटलिपुत्र, औरंगाबाद और मुंगेर सीट है |

पर्त्याशी के नाम पर उन्होंने कहा की अभी उम्मीदवार का नाम फाइनल नहीं हुआ हम कुछ उम्मीदवार का नाम चयन कर के अपने हाई – कमान यानि की दिल्ली भेजेंगे वंहा से जो नाम फाइनल होगा उसकी सूचि हम आप लोगो को बहूत जल्दी दे देंगे |

आपको बता दू की आम आदमी पार्टी ने बिहार में 2014 के लोकसभा इलेक्शन में 38 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे |हालाँकि पार्टी उन्हें किसी सीट पर जित तो नहीं मिली थी लेकिन उनका 2014 के चुनाव में महत्वपूर्ण रोल था आप को बता दू की 2014 के बिहार लोकसभा में चुनाव में “आप”  को 2% सभी सीटो पर टोटल वोट शेयर मिला था जो की किसी भी हारने जितने  वाली पार्टी के लिए महत्वपूर्ण था क्युकी बिहार के लगभग 30 % सीटो पर हारने और जितने  वाली पार्टी के अंतर 2% या २% से कम ही था |

हालाँकि आम आदमी पार्टी ने अपनी स्टेर्जी बदली है इस बार के लोकसभा चुनाव में बहूत अधिक सीटो पर चुनाव लड़ कर दुसरे पार्टी के लिए हार -जीत करना नहीं बल्कि अपनी पार्टी के लिए कुछ सिट जितने का है | इसलिए पार्टी कम ही सिट पर चुनाव लड़ेगी अपना बेस्ट पर्दर्शन करेगी | आम पार्टी ने लगभग पांच सालों में बहुत कुछ चुनावी दाव भी सिखा है जिसका परिणाम आपको दिख रहा होगा देश के दो राज्यों में उनकी पूर्ण बहुमत की सरकार और पिछले सालों हुए चुनाव में उन्होंने कई राज्यों में दिग्गज पार्टियों को चुनौती दी है |

इस फैसले पर परिणाम क्या आएगा ये तो लोकसभा चुनाव के बाद ही पता चलेगा | लेकिन राजनितिक हलचल हमारी इस रिपोर्ट के बाद ही शुरू होने वाली है – बिहार डेलीगेशन के लिए चन्दन कुमार |

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