आप भी अपना विज्ञापन यंहा दिखा सकते है सिर्फ 500/-M में कॉल करे 9811695067






Breaking News

आप हमारे ब्लॉग पर बिहार से जुड़े खबर पढ़ सकते है !, आप भी हमें खबर भेज सकते है !| आप इस ब्लॉग पर अपने विचार स्वतंत्र रूप से रखे हम पाठको के साथ शेयर करेंगे ।

लोमड़ी ऑनलाइन ( व्यंग )

आधुनिकता के दौर में जब जंगल का विस्तार संकुचित हो रहा था , तो धीरे - धीरे जंगल का परिवार गांव से दूर शहर में बसने लगा , सब थे इस परिवार में जंगल का राजा शेर गाय -भैस ,चिल- कौआ कछुआ - खरगोश और एक 'धूर्त लोमड़ी ' ।थोड़ा सा असहज महसूस कर रहे थे लेकिन  धीरे - धीरे सभी जानवर शहर के आवो- हवा में खुद को ढ़ालने में लगे थे अपने - अपने परिवार के लिए भोजन और अच्छे जीवन के बंदोबस्त में लगे थे मुश्किल हो रहा था इन सभी चीजों का प्रबंध करने , समझ है थे "पलायनता" के इस दर्द को थोड़ी बहुत राहत थी तो जंगल के राजा शेर को और एक 'धूर्त 'लोमड़ी को , खैर राजा तो राजा होता है , राजा शेर 'अपनी सभी जानवरो के लिए नई- नई योजना बनाने व्यस्त था कभी उनके लिए भोजन का बटवारा कभी आवास के प्रबंधन , यँहा तक की शेर ने तो सभी जानवरो को कंप्यूटर भी सीखवा दिया था अपने डिजिटल - जंगल योजना के तहत सभी जानवरो को अपनी निजी पहचान के लिए एक यूनिक नम्बर भी मिल चूका था , सिवाय कुछ कछुए के जो कुछ गांव में कुआँ में रह गए थे या शहर के तालाब में बस गए थे क्या है की कंप्यूटर को पानी ले जाते तो ख़राब हो जाता या फ्री वाले नेट का नेटवर्क नहीं आता , इसके आलावा सब ठीक चल रहा था लेनिक धूर्त लोमड़ी कँहा अपनी धुरतई से बाज़ आने वाला लगा तरह-तरह  से सभी जानवरो को यातनाये देने में कभी किसी के हिस्से का भोजन खा जाता तो कभी किसी के आवास पर कब्ज़ा कर लेता, अन्ततः सभी जानवर उससे दुखी होकर शेर लोमड़ी की शिकायत कर दिया वो ऑनलाइन , राजा शेर के पास भी समय नहीं था उसने भी सभी जानवरो से इकठा कर के मामला सुलझाने के बजाय ऑनलाइन वाली तरकीब सोची और सभी जानवरो ऑनलाइन ये शपथ दिलवा दिया मै ........शपथ लेता हूँ की जंगल के किसी जानवर को परेशान नहीं करूंगा और अपने लिए ईमानदारी से भोजन का प्रबंध करूंगा ।

क्या सभी जानवर अब मिल जल कर रहेंगे ?
क्या लोमड़ी अब किसी को परेशान नहीं करेगा ?
क्या जंगल के राजा शेर की ये योजना सफल होगी ?
जानने के लिए इंतजार कीजिये "लोमड़ी ऑनलाइन "-२ का
सभी मित्रो का धन्यबाद जिन्होंने अपना कीमती समय निकाल का इतने बड़े आलेख को पढ़ा ।
अच्छी लगी तो कृपया शेयर करना ना भूले ।
चन्दन कुमार पटेल ( बिहार डेलीगेशन )

No comments