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ISOR ने लगाया शतक ।

इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) ने आज  को एक साथ 31 सैटेलाइट की कामयाब लॉन्चिंग की।

इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) ने गुरुवार को एक साथ 31 सैटेलाइट की कामयाब लॉन्चिंग की। इनमें 3 भारत के और 28 विदेशी हैं। इसमें इसरो का बनाया 100वां सैटेलाइट भी शामिल है। यह दूसरा मौका है जब उसने एक साथ इतने सैटेलाइट स्पेस में भेजे। पिछले साल फरवरी में 104 सैटेलाइट ऑर्बिट में भेजकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। इनमें ज्यादातर विदेशी थे।

31 सैटेलाइट 1323 किलो के, आधा वजन कार्टोसेट का
- इस मिशन में पीएसएलवी-सी40 से भेजे गए सभी सैटेलाइट्स का वजन 1323 किलोग्राम है।
- इनमें कार्टोसेट-2 का वजन 710 किलो और बाकी 30 सैटेलाइट का वजन 613 किलोग्राम है।
6 देशों के हैं 28 सैटेलाइट
- भारत के अलावा इनमें कनाडा, फिनलैंड, फ्रांस, साउथ कोरिया, यूके और यूएसए के सैटेलाइट्स हैं।
अपने व्हीकल से लॉन्च कर चुका 278 सैटेलाइट्स
- इसरो जून 2017 तक खुद के बनाए व्हीकल से 278 सैटेलाइट्स लॉन्च कर चुका है।
- पिछले साल स्पेस में 104 सैटेलाइट भेजने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी इसरो ने अपने ही व्हीकल पीएसएलवी-सी37 के जरिए बनाया था।
देश के लिए नए साल का तोहफा
- सभी सैटेलाइट्स की कामयाब लॉन्चिंग के बाद इसरो के चेयरमैन एएस किरण राव ने कहा, "पीएसएलवी की पिछली लॉन्चिंग में दिक्कतें आई थीं, आज यह साबित हो गया कि हमने उन्हें ठीक तरह से समझा और दूर किया। देश को नए साल का यह तोहफा देकर खुशी हुई।"
ISRO का पिछला मिशन हुआ था फेल
- बता दें कि 31 अगस्त को इसरो का लॉन्चिंग मिशन फेल हो गया था। तब उसने पीएसएलवी-सी39 के जरिए बैकअप नेवीगेशन सैटेलाइट आईआरएनएसएस-1एच सैटेलाइट लॉन्च किया था। यह तकनीकी खामी की वजह से आखिरी स्टेज में नाकाम हो गया था।
स्पेस के मामले में दूसरे देशों से भारत कितना अलग?
- जापान, जर्मनी, इटली, चीन के बजट भारत से ज्यादा हैं। इसरो के पास 16 हजार साइंटिस्ट हैं। नासा के पास 17500 और रूस के पास 23800 हैं।
- भारत ने पहली कोशिश में ही मंगल मिशन कामयाब कर लिया था। जबकि अमेरिका 5 बार और रूस 8 बार में सफल हो पाए थे। काउंटडाउन 52 की जगह 28 घंटे का कर लिया है।
- इसरो ने 47 साल में 25 देशों के 278 सैटेलाइट्स लॉन्च किए हैं। जबकि अमेरिका ने 72 साल में 1369 और रूस ने 80 साल में 1492 सैटेलाइट्स। 10 साल में दुनिया में हुई लॉन्चिंग की 38% भारत की ओर से हुई है।
- भारत के पीएसएलवी रॉकेट की एक लॉन्चिंग करीब 100 करोड़ रु. की होती है। रूस के रॉकेट की 455 करोड़। वहीं अमेरिका, चीन व यूरोप के रॉकेट की एक उड़ान की लागत 6 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा है।
फर्स्ट क्वार्टर में लॉन्च किया जाएगा चंद्रयान-2
- इसरो के डायरेक्टर एम अन्नादुरै के मुताबिक, चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग इस साल के पहले क्वार्टर में करने का प्लान है। इस मिशन के साथ ऑर्बिटर और लैंडर भी भेजे जाएंगे। इसका इंटीग्रेशन और टेस्टिंग फाइनल स्टेज में है।

 

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