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#Sscexamfixing का पूरा खुलासा पढ़ने के लिए इस पोस्ट को पूरा पढ़े

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भारत सरकार क्यों नहीं मान रही सीबीआई जाँच के लिए?
क्यों नही बदला जा रहा एग्जाम वेंडर सिफ़ी (Sify) को? पूरा जाने यहाँ
( सच्ची बात!!! लेकिन अगर आपको लगता है की इसमें राजनीति की जा रही है तो क्रपया मत पढ़े.)

सबसे पहले बीजेपी के NM और उनके दायें हाथ AS अपने कुछ MP के साथ AS के घर पर मीटिंग करते है. मीटिंग में ये निर्णय लिया जाता है की कोनसी पोस्ट के क्या भाव लगाने है. भाव तय होने के बाद ये लोग एसएससी चेयरमैन के साथ मीटिंग करते है और चेयरमैन को काम देते है की आप ये तय करो की कोनसी परीक्षा स्थल पर आसान होगा चीटिंग कराना!


अब आगे का काम होता है चेयरमैन का! चेयरमैन अब सारे रीजनल डायरेक्टर अलग अलग क्षेत्र (NR, NWR,NER,SR,CR etc) के साथ मीटिंग करता है इसमें ये निर्णय लिया जाता है की कोनसे कोनसे परीक्षा स्थल को टारगेट बनाना है क्योंकि सारे परीक्षा स्थल पर तो चीटिंग कराना असंभव है. अब रीजनल डायरेक्टर परीक्षा स्थल (Examination Centre) के मालिक के साथ मीटिंग करता है की हमने कुछ लड़को की हेल्प करनी है, परीक्षा स्थल के मालिक मान जाते है क्योंकि वो खुद प्राइवेट है और उनको सिर्फ पैसे से मतलब है. ऐसे करके कुछ परीक्षा स्थल को फिक्स कर लिया जाता है. अब सारे रीजनल डायरेक्टर ये फिक्स्ड परीक्षा स्थलों की लिस्ट चेयरमैन को भेजते है. चेयरमैन ये लिस्ट एग्जाम वेंडर को दे देता है की, इन्ही परीक्षा स्थलों पर चीटिंग करवानी है हमें. अब बीजेपी के MP अपने मिडिल मेन रखते है ताकि लोगो से पैसे ले सके जो नौकरी लेना चाहते है. जिन लोगो ने एडमिट कार्ड रिलीज़ होने से पहले पैसे दे दिए उनको उन्ही फिक्स्ड परीक्षा स्थल में से एक परीक्षा स्थल दे दिया जाता है. ( प्रमाण के लिए आप Qmaths पर बहुत फोटोज पड़ी है वो देख सकते है). किसी भी ऑनलाइन परीक्षा से पहले सॉफ्टवेयर टेस्टिंग की जाती है उसमे देखा जाता है की प्रोपर क्लिक हो रहा है की नही, इमेज अपलोड हो रही है की नहीं. इस तरीके की चीज़े चेक की जाती है सॉफ्टवेयर टेस्टिंग के दौरान. जिन लोगो ने एडमिट कार्ड रिलीज़ होने से पहले पैसे दे दिए है उनको सॉफ्टवेयर टेस्टिंग के दौरान ही पेपर निकाल के, सोल्व करके उत्तरतालिका (Answer Key) प्रोवाइड करा दी जाती है! अब बात रही उन लोगो की जो एडमिट कार्ड रिलीज होने के बाद पैसे देते है. उनका परीक्षा स्थल चेक किया जाता है जो उनको मिला है! अब होता ये है की एग्जाम वेंडर के कर्मचारी उनके परीक्षा स्थल पर एक दिन पहले जाके कुछ कंप्यूटर पर Ammyy Admin/Anydesk/TeamViewer जैसे सॉफ्टवेयर इनस्टॉल कर देता है ताकि परीक्षा के दौरान उसके कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस (Remote Access) हो सके! इसी समय एग्जाम वेंडर के कर्मचारी परीक्षा स्थल (Examination Centre) के मालिक को लडकों का रोल नंबर दे देते है और उसका बता देते है की इन लडकों को इन्ही कंप्यूटर पर बैठाना है जिन पर रिमोट एक्सेस है, इसिलये आपने देखा होगा कुछ परीक्षा स्थल (Examination


Centre) पर बायोमेट्रिक होने के बाद लडकों को PC नंबर randomly दिया जाता है. ये Randomly PC नंबर इसी लिए दिया जाता है ताकि वो अपने लडकों को वो PC दे सके जिस पर रिमोट एक्सेस है. ऐसी स्थिति में आप मना भी कर सकते है की सबको Serial number wise PC दिया जाये लेकिन आप लोग कुछ बोलते ही नही हो. अब जिन PC पर रिमोट एक्सेस है, उन लडकों का पेपर बाहर से पेपर सॉल्वर बुला के पूरा करवा दिया जाता है. जिन लोगो का पेपर रिमोट एक्सेस से करवाया जाता है वो पेपर के दौरान, पेपर सोल्व करने की एक्टिंग कर रहे होते है और रिमोट एक्सेस से उनके सारे आंसर टिक हो रहे होते है! इस तरीके से जेन्युइन कैंडिडेट (Genuine Candidate) सलेक्शन लेने से रह जाता है. ये स्कैम सिर्फ CGL में ही नही, एसएससी की सारी एग्जाम CPO,CHSL,MTS,JE, Steno, Constables, Selection Posts, Translator etc में भी हो रहा है. यही कारण है की ऑनलाइन एग्जाम शुरू के बाद से इनकी फाइनल कटऑफ लगातार बढ़ रही है. इनकी फाइनल कटऑफ e^x के ग्राफ जैसी हो गयी है, मोनोटोनिकली इन्क्रिजिंग (Monotonically Increasing).. याद रहे, कंही ऐसा ना हो जाये की इनकी कटऑफ इतनी ऊपर चली जाये की अगले साल फॉर्म भी निकले तो आप बोले “नही भरूँगा यार फॉर्म, सलेक्शन तो होगा नहीं ”. एसएससी जिसको पहले “जूनियर यूपीएससी” कहा जाता था उसकी ये हालत हो जाएगी ऐसा किसी ने नही सोचा था. अब तो सच्चाई ये है की एसएससी, अब एसएससी नही रहा, मध्यप्रदेश का व्यापम हो गया है! दुसरे शब्दों में कहूं तो एसएससी अब दूसरा व्यापम हो गया है.



एक बात याद रखना, ना ही तो चेयरमैन की इतनी औकात है की बिना भारत सरकार की मिली भगत के चीटिंग करवा दे और ना ही भारत सरकार की इतनी औकात है की बिना चेयरमैन की मिली भगत के चीटिंग करवा दे,,, क्योंकि इतनी बड़ी चीटिंग या स्कैम के लिए सारे डॉट का कनेक्ट होना बहुत जरुरी है.
एसएससी स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट कर रहे है पिछले 4 दिन से लगातार.. अगर आप सिस्टम में बदलाव चाहते है तो उनका साथ दे , नही तो इतनी ज्यादा मेहनत करे की आप उन लोगो को बीट कर सको जो चीटिंग कर रहे है!! Choice is Yours!!!
आप इसको इतना शेयर करो की हर जेन्युइन कैंडिडेट (Genuine Candidate) तक ये मेसेज पहुँच सके.



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