आप भी अपना विज्ञापन यंहा दिखा सकते है सिर्फ 500/-M में कॉल करे 9811695067






Breaking News

आप हमारे ब्लॉग पर बिहार से जुड़े खबर पढ़ सकते है !, आप भी हमें खबर भेज सकते है !| आप इस ब्लॉग पर अपने विचार स्वतंत्र रूप से रखे हम पाठको के साथ शेयर करेंगे ।

बिहार के सातवीं के बच्चे , न पहले पीएम को जानते न ही राष्ट्रपति को - आखिर कौन है दोषी ?

बच्चे सातवीं के, न पहले पीएम को जानते न ही राष्ट्रपति को
मध्य विद्यालय, मिठनपुरा उर्दू में सातवीं कक्षा के अधिकतर छात्रों को देश के प्रथम प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के बारे में जानकारी नहीं है।

बिहार के सातवीं के बच्चे , न पहले पीएम को जानते न ही राष्ट्रपति को-आखिर कौन है दोषी ? 

मुजफ्फरपुर। मध्य विद्यालय, मिठनपुरा उर्दू में सातवीं कक्षा के अधिकतर छात्रों को देश के प्रथम प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के बारे में जानकारी नहीं है। विज्ञान स्तर की जानकारी भी अति निम्न है। यह स्थिति तब है, जब स्कूलों में महापुरुषों की जीवनी के बारे में पढ़ाने के अलावा उनकी अनिवार्य रूप से जयंती व पुण्यतिथि मनाई जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यह सब औपचारिकता भर है। गुरुवार को दैनिक जागरण की टीम ने स्कूल में जब बच्चों का बौद्धिक स्तर जाना तो ऐसे कई हैरान करनेवाले तथ्य सामने आए, जो बुनियादी शैक्षणिक व्यवस्था की पोल खोलने को पर्याप्त थे। बच्चे बेसिक जानकारी नहीं रख रहे हैं। उनको समय से पढ़ाई न होने का मलाल है।


संसाधनों की भी कमी
स्कूल के पास वर्ग कक्ष का अभाव है। दो कमरों में आठ-आठ कक्षाएं चल रही हैं। कई वर्गो का संचालन एक साथ किया जाता है। वर्ग कक्ष के एक कोने में स्टोर और प्रधानाध्यापक कक्ष भी हैं। जहां मध्याह्न भोजन भी तैयार किया जाता है। हालांकि, स्कूल में बिजली व पंखे आदि की सुविधा है। नामांकित बच्चों की संख्या 125 है, इन्हें पढ़ाने के लिए  सात शिक्षक हैं।
बयान
पठन-पाठन पर सामाजिक परिवेश का असर पड़ता है। स्कूल से जाने के बाद बच्चे घर पर नहीं पढ़ते हैं। अभिभावक भी अपने बच्चों पर ध्यान नहीं देते हैं।
-मो. हसनैन आलम, प्रधानाध्यापक, मध्य विद्यालय मिठनपुरा उर्दू
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर बल दिया जा रहा है। स्कूलों के शैक्षणिक स्तर में सुधार हुआ है। इसे और बेहतर किया जाएगा।
-ललन प्रसाद सिंह
जिला शिक्षा अधिकारी

No comments