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ना-ना, ई फोटो सब कोई मंदिर का नहीं है , थैले, बेल्ट, जूते-मोजे, चप्पलें, सैंडल्स जो देख रहे है, वे सब दरअसल आज जेईई की परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों के है.!

ना-ना, ई फोटो सब कोई मंदिर का नहीं है , थैले, बेल्ट, जूते-मोजे, चप्पलें, सैंडल्स जो देख रहे है, वे सब दरअसल आज जेईई की परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों के है.!






नाना-ना, ई फोटो सब कोई मंदिर का नहीं है , ना, ई फोटो सब कोई मंदिर का नहीं है , 

और न ही दुबई-अमेरिका जैसे कड़े देशों के सुरक्षा-जाँच के काउन्टर का है..!
इस फोटो में आप सैकड़ो की संख्या में बैग्स, थैले, बेल्ट, जूते-मोजे, चप्पलें, सैंडल्स जो देख रहे है, वे सब दरअसल आज जेईई की परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों के है.!
नए नियम के अनुसार, बच्चो को सबकुछ बाहर ही छोड़ के जाना है, पता नही, भविष्य में बच्चो द्वारा पहने गए कपड़ो पर भी शायद कोई नियमावली बन जाये..!

जब बच्चो के भरोसे और विश्वास पर इतना बड़ा-बड़ा हथौड़ा चल ही रहा है, तो क्या आनन्द हो जाये कि, परीक्षा लेने वाली संस्था द्वारा ही नियत गणवेश और पेन-पेंसिल की भी व्यवस्था हो जाये..! गणवेश ऐसा कि, उसमे कोई जेब-पॉकेट नही हो, पेन ऐसा कि, उसके कवर में कोई चिट-पुर्जा छिपाने की गुंजाइश नही हो..! अगर परीक्षा के बाद, सिंघाड़ा-गुलाबजामुन की व्यवस्था भी परीक्षा लेने वाली ही संस्था की ओर से हो जाए, तो मेरे विचार से बच्चे खाली हाथ आये और परीक्षा देकर गुलाबजामुन चाभते हुए चले जाएं.! कम से कम परीक्षा-केन्द्र पर जूते-मोजे, बेल्ट-जैकिट खोलने की जरूरत तो नही होगी..! अपने धारित वस्तुओं को सार्वजनिक जगहों पर खोलने में तनिक लोकलाज वाली बात तो हो ही जाती है.!
मेरी अल्पज्ञता को ध्यान रखते हुए, शायद ऐसी चाक-चौबन्द "बढ़िया" व्यवस्था अपने देश को छोड़ अन्यत्र कहीं नही है..!
घबराहट तो इस बात पर कि, परीक्षा के बाद अपने-अपने सामान को खोजने में जो गुत्थमगुत्थी होने वाली है, उससे कैसे निबटेंगे, परीक्षा लेने वाले अधिकारी..!
क्या आपको ऐसा नही लगता कि, अपने देश की शैक्षिक व्यवस्था और शिक्षा-प्रणाली को एक बार और भी गहरे रूप से देखने-समझने और उसमे सुधार करने की आवश्यकता है.?
शैक्षिक व्यवस्था ऐसी हो कि, बच्चो में "अवसाद कम-उल्लास अधिक" और "तनाव कम-मुक्तता अधिक" वाली भावनाओ की प्रचुरता हो..!
चलिए, दीख गया तो लपेट दिए हम भी.! बच्चो की परीक्षा अच्छी जाए, बच्चो को शुभकामनाएं सहित शुभाशीष..💐😊




-अरुणोदय


नोट :- यह पोस्ट drcoomar अरुणोदय जी के फेसबुक पोस्ट से ली गयी है बिहार डेलिगेशन उनकी पोस्ट उनकी अनुमति से  अपने my post सेगमेंट में शामिल किया है आप भी अपने विचार हमे भेज सकते है।विचार भेजने के लिये कृपया contact us मेनू चुने।

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