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PMCH: 50 रूपये नहीं मिलने पर रोक दी ऑक्‍सीजन सप्‍लाई, बच्‍ची की मौत

PMCH: 50 रूपये नहीं मिलने पर रोक दी ऑक्‍सीजन सप्‍लाई, बच्‍ची की मौत

PMCH: 50 रूपये नहीं मिलने पर रोक दी ऑक्‍सीजन सप्‍लाई, बच्‍ची की मौत





PMCH : पटना मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) के डॉक्टरों की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई।  अरवल के जितेंद्र दास ने बुधवार की रात अपनी बेटी को पीएमसीएच के शिशु विभाग में इलाज के लिए भर्ती कराया था। चिकित्सकों ने बच्ची को देखने बाद उसे हार्ट में पानी होने की बीमारी बताया।
गुरुवार की सुबह बच्ची को विशेष जांच के लिए इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान भेजा गया। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने मरीज एवं उनके परिजनों को न तो एंबुलेंस दिया न ही ई रिक्शा। जबकि इस तरह के मरीजों के लिए एंबुलेंस एवं ई रिक्शा की व्यवस्था की गई है।
शिशु विभाग ने आइजीआइसी भेजते समय परिजनों को ही आक्सीजन गैस का सिलिंडर भी थमा दिया। परिजन बच्ची को गोद में रखकर ऑक्सीजन सिलेंडर टांगकर ( आइजीआइसी ले जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में बच्ची की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों का आक्रोश भड़क गया। वे हंगामा करने लगे।
परिजनों का कहना था कि 50 रूपये नजराना नहीं देने पर टेक्निशियन ने ऑक्‍सीजन सिलेंडर चालू नहीं किया। इस वजह से बच्‍ची की मौत हो गई।
हालांकि बाद में अस्पताल प्रशासन को हस्तक्षेप करने पर मामला शांत हुआ। जबकि दूसरी ओर शिशु विभाग के चिकित्सकों का कहना है कि बच्ची की तबीयत पहले से ही काफी खराब थी। यहां पर उसे बचाने की कोशिश की गई लेकिन बच्ची को बचाया नहीं जा सका।
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एक माह में दूसरी घटना
अभी 15 दिन पहले इसी तरह की एक घटना पीएमसीएच में हुई थी। जिसे मीडिया द्वारा उजागर करने पर स्वास्थ्य विभाग ने कॉलेज प्रशासन को जमकर फटकार लगाई थी। लेकिन उस घटना के बाद भी कॉलेज प्रशासन अपने रवैया में कोई सुधार नहीं लाया और आज दूसरी घटना हो गई।
मामले की होगी जांच 
बच्ची के परिजनों को किस स्थिति में सिलेंडर दिया गया है। इसकी जांच होगी। ऐसे मरीजों लिए ई-रिक्शा एवं एंबुलेंस की व्यवस्था है तो आखिर बच्ची के परिजनों को क्यों नहीं दी गई इसकी भी जांच की जाएगी।




डॉ. दीपक टंडन, अधीक्षक, पीएमसीएच
By Ravi Ranjan
SOURCE JAGRAN 


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