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सहरसा में मनचलों के डर से 35 लड़कियों ने छोड़ा स्कूल, रास्ते में करता है परेशान और गंदी हरकत


सहरसा में मनचलों के डर से 35 लड़कियों ने छोड़ा स्कूल, रास्ते में करता है परेशान और गंदी हरकत


Patna : बिहार में शायद लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं ये हम नहीं कह रहे बल्कि हाल ही में वहां लड़कियों संग हुई कुछ घटनायें ये बयां कर रही हैं। एकपढ़हा गांव में हाई स्कूल नहीं है। इसलिए यहां की लड़कियां रोज 7 किलोमीटर दूर सिमरी बख्तियारपुर पढ़ने जाती हैं। लड़कियां अपने स्कूल जा रही थीं। साइकिल पर थीं। लड़कियों संग छेड़छाड़ और पिटाई का मामला सामने आया था।
इसके बाद कुछ ऐसा ही मामला एकपढ़हा के एक गांव में पेश आया है।वहां लड़कियों के संग छेड़छाड़ का शर्मनाक मामला सामने आया है। लड़किया जब भी स्कूल जाती , उन्हें परेशान करते हैं.गंदे कमेंट्स करते हैं और इन्हें देखते ही अजीब-अजीब भोजपुरी गाने सुनाने लगते हैं। और ये घटिया हरकत ये लड़के 4 सालों से कर रहे हैं. किसी का डर नहीं है इन्हें। ताया जा रहा है कि छेड़खानी का विरोध करने पर वो मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। बताया जा रहा है कि इन पढ़ने वाली लड़कियों के भाई ने जब छेड़खानी कर रहे मनचलों का विरोध किया तो आक्रोशित मनचलों ने उनपर हमला कर दिया।
villager
बाद में इस मामले में थाने में इन मनचलों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। ये जो केस है वो बिहार के सहरसा जिले का है. सहरसा, सुपौल जिले के पास ही है। बताया जा रहा है कि गांव में कोई भी हाईस्कूल ना होने के कारण छात्राओं को सात किलोमीटर दूर सिमरी बख्तियारपुर जाना पड़ता है। वहीं रास्ते में कुछ मनचले छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करते हैं। विरोध करने पर मनचले उनके परिजनों की पिटाई कर देते हैं।
वही सुपौल जहां कुछ दिनों पहले यौन शोषण का विरोध करने वाली 30 लड़कियों को गुंडों ने पीटा था। यहां सिमरी बख्तियारपुर नाम से एक टाउन है. इस टाउन में एक छोटा गांव है एकपढ़हा. पूजा इसी गांव में रहती है। अब रास्ते में एक मचान पड़ता है। वहां कुछ लड़के बैठे रहते हैं, जिनका पास टाइम आने-जाने वाली लड़कियों को कमेंट करना है। सालों से यही करते आ रहे हैं। जिले के जिम्मेदार अधिकारी कहते हैं कि मनचलों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और स्कूल जाने वाले रास्ते पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है ताकि ऐसी घटनाएं ना हों।

सहरसा में मनचलों के डर से 35 लड़कियों ने छोड़ा स्कूल, रास्ते में करता है परेशान और गंदी हरकत


Patna : बिहार में शायद लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं ये हम नहीं कह रहे बल्कि हाल ही में वहां लड़कियों संग हुई कुछ घटनायें ये बयां कर रही हैं। एकपढ़हा गांव में हाई स्कूल नहीं है। इसलिए यहां की लड़कियां रोज 7 किलोमीटर दूर सिमरी बख्तियारपुर पढ़ने जाती हैं। लड़कियां अपने स्कूल जा रही थीं। साइकिल पर थीं। लड़कियों संग छेड़छाड़ और पिटाई का मामला सामने आया था।
इसके बाद कुछ ऐसा ही मामला एकपढ़हा के एक गांव में पेश आया है।वहां लड़कियों के संग छेड़छाड़ का शर्मनाक मामला सामने आया है। लड़किया जब भी स्कूल जाती , उन्हें परेशान करते हैं.गंदे कमेंट्स करते हैं और इन्हें देखते ही अजीब-अजीब भोजपुरी गाने सुनाने लगते हैं। और ये घटिया हरकत ये लड़के 4 सालों से कर रहे हैं. किसी का डर नहीं है इन्हें। ताया जा रहा है कि छेड़खानी का विरोध करने पर वो मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। बताया जा रहा है कि इन पढ़ने वाली लड़कियों के भाई ने जब छेड़खानी कर रहे मनचलों का विरोध किया तो आक्रोशित मनचलों ने उनपर हमला कर दिया।
villager
बाद में इस मामले में थाने में इन मनचलों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। ये जो केस है वो बिहार के सहरसा जिले का है. सहरसा, सुपौल जिले के पास ही है। बताया जा रहा है कि गांव में कोई भी हाईस्कूल ना होने के कारण छात्राओं को सात किलोमीटर दूर सिमरी बख्तियारपुर जाना पड़ता है। वहीं रास्ते में कुछ मनचले छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करते हैं। विरोध करने पर मनचले उनके परिजनों की पिटाई कर देते हैं।
वही सुपौल जहां कुछ दिनों पहले यौन शोषण का विरोध करने वाली 30 लड़कियों को गुंडों ने पीटा था। यहां सिमरी बख्तियारपुर नाम से एक टाउन है. इस टाउन में एक छोटा गांव है एकपढ़हा. पूजा इसी गांव में रहती है। अब रास्ते में एक मचान पड़ता है। वहां कुछ लड़के बैठे रहते हैं, जिनका पास टाइम आने-जाने वाली लड़कियों को कमेंट करना है। सालों से यही करते आ रहे हैं। जिले के जिम्मेदार अधिकारी कहते हैं कि मनचलों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और स्कूल जाने वाले रास्ते पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है ताकि ऐसी घटनाएं ना हों।

सहरसा में मनचलों के डर से 35 लड़कियों ने छोड़ा स्कूल, रास्ते में करता है परेशान और गंदी हरकत

Patna : बिहार में शायद लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं ये हम नहीं कह रहे बल्कि हाल ही में वहां लड़कियों संग हुई कुछ घटनायें ये बयां कर रही हैं। एकपढ़हा गांव में हाई स्कूल नहीं है। इसलिए यहां की लड़कियां रोज 7 किलोमीटर दूर सिमरी बख्तियारपुर पढ़ने जाती हैं। लड़कियां अपने स्कूल जा रही थीं। साइकिल पर थीं। लड़कियों संग छेड़छाड़ और पिटाई का मामला सामने आया था।
इसके बाद कुछ ऐसा ही मामला एकपढ़हा के एक गांव में पेश आया है।वहां लड़कियों के संग छेड़छाड़ का शर्मनाक मामला सामने आया है। लड़किया जब भी स्कूल जाती , उन्हें परेशान करते हैं.गंदे कमेंट्स करते हैं और इन्हें देखते ही अजीब-अजीब भोजपुरी गाने सुनाने लगते हैं। और ये घटिया हरकत ये लड़के 4 सालों से कर रहे हैं. किसी का डर नहीं है इन्हें। ताया जा रहा है कि छेड़खानी का विरोध करने पर वो मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। बताया जा रहा है कि इन पढ़ने वाली लड़कियों के भाई ने जब छेड़खानी कर रहे मनचलों का विरोध किया तो आक्रोशित मनचलों ने उनपर हमला कर दिया।
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बाद में इस मामले में थाने में इन मनचलों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। ये जो केस है वो बिहार के सहरसा जिले का है. सहरसा, सुपौल जिले के पास ही है। बताया जा रहा है कि गांव में कोई भी हाईस्कूल ना होने के कारण छात्राओं को सात किलोमीटर दूर सिमरी बख्तियारपुर जाना पड़ता है। वहीं रास्ते में कुछ मनचले छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करते हैं। विरोध करने पर मनचले उनके परिजनों की पिटाई कर देते हैं।
वही सुपौल जहां कुछ दिनों पहले यौन शोषण का विरोध करने वाली 30 लड़कियों को गुंडों ने पीटा था। यहां सिमरी बख्तियारपुर नाम से एक टाउन है. इस टाउन में एक छोटा गांव है एकपढ़हा. पूजा इसी गांव में रहती है। अब रास्ते में एक मचान पड़ता है। वहां कुछ लड़के बैठे रहते हैं, जिनका पास टाइम आने-जाने वाली लड़कियों को कमेंट करना है। सालों से यही करते आ रहे हैं। जिले के जिम्मेदार अधिकारी कहते हैं कि मनचलों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और स्कूल जाने वाले रास्ते पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है ताकि ऐसी घटनाएं ना हों।

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