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पटना की हवा दिल्ली से ज्यादा जहरीली, 400 के पार पहुंचा वायु प्रदूषण का स्तर


पटना में वायु प्रदूषण का स्तर मंगलवार को देशभर में सबसे ज्यादा रहा। सोमवार की रात से मंगलवार शाम 4 बजे के बीच कई बार हवा की क्वालिटी बेहद खराब मानी गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी आंकड़े से पता चलता है कि यहां की हवा जहरीली हो चुकी है। यह लोगों की सेहत के लिए नुकसानदेह है।







बोर्ड के मुताबिक, 18 दिसंबर की रात 12 से 1 बजे के बीच पीएम 2.5 का स्तर 373.25 पर पहुंच गया। इसके अगले एक घंटे में यह 378.25 पर पहुंच गया। मंगलवार की सुबह 5 से 6 बजे के बीच यह 279.5 पर आ गया। इसके बाद दिन में थोड़ा कम हुआ। इससे पहले 17 दिसंबर की रात 12 बजे से 18 दिसंबर की रात 12 बजे के बीच इसका औसत 250 रहा। यह आंकड़ा पटना में मौजूद एकमात्र मॉनिटरिंग स्टेशन पर आधारित है, जो तारामंडल में लगाया गया है। मंगलवार को कई बार यह इंडेक्स 401 को पार करता रहा।

सेहत के लिए ठीक नहीं
मंगलवार शाम 4 बजे बोर्ड की ओर से जारी बुलेटिन में पटना की एयर क्वालिटी को बेहद खराब बताया गया है। इस बुलेटिन में पिछले 24 घंटे की एयर क्वालिटी का औसत इंडेक्स है। इस इंडेक्स का बढ़ना वायु प्रदूषण के खतरे को बताता है। पीएम 2.5 का स्तर 301 से ज्यादा बढ़ने को मानव स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद नुकसानदायक माना जाता है। जबकि पटना की एयर क्वालिटी का औसत इंडेक्स 391 तक पहुंच गया, जो देशभर में टॉप पर है। यह स्थिति चिंताजनक है। मुजफ्फरपुर की एयर क्वालिटी को भी बेहद खराब बताया गया है। इसका इंडेक्स वैल्यू 384 है। दिल्ली वायु प्रदूषण के मामले में सबसे ज्यादा बदनाम है, लेकिन यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स 353 रहा जो कि पटना से कम था।

हवा में धूलकण प्रमुख वजह
पटना में पीएम 2.5 का स्तर बढ़ने का प्रमुख कारण जहरीले धुएं के साथ ही शहर की हवा में मौजूद धूलकण हैं। ठंड बढ़ने के कारण हर वर्ष प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। दिसंबर में पिछले कई वर्षों से यह स्तर अपने रिकाॅर्ड को तोड़ता रहा है। इस बार फिर मंगलवार को यह अपने चरम पर पहुंच गया।

सड़क पर बालू-मिट्टी गिराने वालों पर होगी कार्रवाई
बिहार राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार सिंह कहते हैं कि पटना के बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए हम गंभीरता से काम कर रहे हैं। इसके लिए कई जरूरी कदम उठाए गए हैं। विभिन्न सरकारी विभागों को एडवाइजरी जारी की गई है। इसके साथ ही लोगों में जागरुकता के लिए कई कार्यक्रम चला रहे हैं। पटना में प्रदूषण का प्रमुख कारण धूलकण हैं। सड़कों पर बालू-मिट्टी गिराने वालों और निर्माण कार्य करने के दौरान नियमों की अवहेलना करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पीएम 2.5 हवा में घुलने वाला पदार्थ
पीएम 2.5 हवा में घुलने वाला छोटा पदार्थ है। इसका स्तर ज्यादा होने पर ही धुंध बढ़ती है। विजिबिलिटी का स्तर भी गिर जाता है। सांस लेते वक्त इन कणों को रोकने का हमारे शरीर में कोई सिस्टम नहीं है। ऐसे में पीएम 2.5 हमारे फेफड़ों में काफी भीतर तक पहुंचता है। यह बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। इससे आंख, गले और फेफड़े की तकलीफ बढ़ती है। खांसी और सांस लेने में भी तकलीफ होती है। लगातार संपर्क में रहने पर फेफड़ों का कैंसर भी हो सकता है। पीएम 2.5 का नॉर्मल लेवल 60 एमजीसीएम होता है।

शहरों में पीएम 2.5 का स्तर
दिल्ली353
नोएडा    323
ग्रेटर नोएडा    373
गाजियाबाद    363
पुणे    211
मुंबई    141
लखनऊ    316
कोलकाता    162
जयपुर    096
कानपुर    343
गुरुग्राम    221
चेन्नई    159
भुवनेश्वर    347
आगरा    365
अमृतसर    149
अहमदाबाद    259
अजमेर    106
SOURCE - DAINIK BHASKAR


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