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विशिष्ट सेवा मेडल और अति विशिष्ट सेवा मेडल जितने वाले जनरल नरवणे आज से INDIAN ARMY की बागड़ोर संभालेंगे |

विशिष्ट सेवा मेडल और अति विशिष्ट सेवा मेडल जितने वाले जनरल नरवणे आज से INDIAN ARMY की बागड़ोर संभालेंगे |


आपके बता दे के नए साल में भारतीय सुरक्षा एजेंसी में नए पद का सृजन होने जा रहा है जी हम बात कर रहे है |चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ( CDS ) की | आपको बता दे की देश के पहले CDS के लिए जनरल बिपिन रावत रावत ( VIPIN RAWAT ) को चुना गया है | नए पदभार ग्रहण करने के वजह से उन्हें  सेना प्रमुख के पद से रिटायरमेंट देना होगा | 

उनके बाद सेना प्रमुख का पद ख़ाली हो रहा है इसलिए आज लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ( MANOJ MUKUND NARVANE ) उनकी जगह 28वें सेना प्रमुख का पदभार संभालेंगे। आपको बता दे की  1 सितंबर 2019 को भारतीय सेना के उप-थलसेनाध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया था। इससे पहले वे सेना की ईस्टर्न कमांड के प्रमुख थे। 37 साल की सेवा में नरवणे जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में तैनात रह चुके हैं। वे कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन और पूर्वी मोर्चे पर इन्फैन्टियर ब्रिगेड की कमान संभाल चुके हैं। नेशनल डिफेंस एकेडमी और इंडियन मिलिट्री एकेडमी के छात्र रहे नरवणे को सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल और अति विशिष्ट सेवा मेडल से अलंकृत किया जा चुका है। नरवणे ही वे आर्मी कमांडर हैं, जिन्होंने डोकलाम विवाद के दौरान चीन को हद बताई थी।

आखिर देश को CHIEF DIFENCE STAFF की जरुरत  क्यों पड़ी  ?

आपको बता दे की अटल जी की सरकार के 1999 के कारगिल युद्ध की समीक्षा करने वाली रिव्यू कमेटी ने पहली बार CDS की जरूरत को लेकर सुझाव दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त, 2019 के भाषण में सीडीएस का पद बनाने की घोषणा की थी भारत की रक्षा के लिए सैन्य मामलों में एक ही व्यक्ति के पास सोची समझी सोच विकसित करने के लिए सीडीएस की नियुक्ति की जा रही है। सीडीएस एक तरह से सेनापति होगा, जो तीनों सेनाओं की रणनीति तय कर सकेगा। बदलते युद्ध के तरीकों और चुनौतियों के लिए लिहाज से यह पद जरूरी माना गया। इससे फौज तीन भागों में नहीं बंटी रहेगी। इससे रणनीति, खरीदारी प्रक्रिया और सरकार के पास सैन्य सलाह की सिंगल विंडो बन जाएगी।

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