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Latest update Nirbhaya case। गुनहगारों के पास अब भी हैं 8 legal विकल्प, One more curative filed

Latest update Nirbhaya case। गुनहगारों के पास अब भी हैं 8 legal विकल्प, One more curative filed




निर्भया कांड के दोषी फांसी में देरी के लिए हर तरह के हथकंडे और तिकड़म का सहारा रहे हैं। निर्भया के माता-पिता की आशंकाओं को सच साबित करते हुए फांसी के लिए मुकर्रर की गई तिथि 1 फरवरी से महज 3 दिन पहले अब एक और दोषी ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटिशन दायर की है। तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने बताया कि अक्षय ने मंगलवार को क्यूरेटिव पिटिशन दाखिल की है।


दो अन्य दोषी मुकेश और विनय की

क्यूरेटिव पिटिशन पहले ही सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो चुकी है। निर्भया के माता-पिता पहले ही आशंका जता चुके थे कि फांसी में देरी हो इसके लिए दोषी एक-एक कर अपने कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करेंगे। इसीलिए उन्होंने चारों दोषियों को एक-एक कर फांसी पर लटकाने की मांग भी की थी। मंगलवार को ही सुप्रीम कोर्ट में निर्भया कांड के एक दोषी मुकेश की एक याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें अदालत ने बुधवार तक के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया है। मुकेश की क्यूरेटिव पिटिशन तो खारिज हो ही चुकी है, राष्ट्रपति उसकी दया याचिका को भी 17 जनवरी को ठुकरा चुके हैं। मुकेश ने दया याचिका को खारिज किए जाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर मंगलवार को सुनवाई पूरी हुई।


इस पर बुधवार यानी

आज फैसला आएगा। मुकेश के वकील ने दलील दी कि दया याचिका पर विचार के समय राष्ट्रपति के सामने सारे तथ्य नहीं रखे गए थे। इस दौरान वकील ने एक सनसनीखेज खुलासा भी किया कि जेल में मुकेश और अक्षय को यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। हालांकि, इसे भी फांसी में देरी के लिए तिकड़म के तौर पर ही देखा जा रहा है।

आपको बता दें कि पवन, मुकेश, अक्षय और विनय शर्मा की फांसी के लिए दूसरी बार डेथ वॉरंट जारी हो चुका है। इसमें फांसी की तारीख 1 फरवरी मुकर्रर की गई है। पहले वॉरंट में यह तारीख 22 जनवरी थी। दोषी पवन के पास अभी क्यूरेटिव पिटीशन और दया याचिका का विकल्प है और तीसरी खारिज होने की सूरत में दया याचिका को अदालत में चुनौती देने का रास्ता. तीन ही लाइफलाइन अक्षय के पास भी है. क्यूरेटिव पिटीशन, दया याचिका और दया याचिका खारिज होने पर उसे अदालत में चुनौती देने का रास्ता है. यही विकल्प अक्षय सिंह के पास था, जो उसने इस्तेमाल कर लिया है, लेकिन दया याचिका और उसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का भी विकल्प उसके पास अभी है।

इसके अलावा विनय शर्मा के पास भी दया याचिका का विकल्प है। दोषी मुकेश के पास अब कोई कानूनी विकल्प नहीं है। इस तरह अभी दोषियों के पास कम से कम 8 लाइफ लाइन और हैं।


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